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‘कैंची धाम’ ही नहीं, देश में इन 5 जगहों पर भी मौजूद हैं ‘नीम करौली बाबा’ के दिव्य आश्रम

सिर्फ कैंची धाम नीम करौली बाबा का पवित्र धाम नहीं है। भारत में और भी कई जगहों पर बाबा के आश्रम हैं, जिनका बाबा से गहरा नाता है।

Entertainment; फिल्म हनुमान अंश देखने के बाद नीम करौली बाबा के जीवन के बारे में लोगों की और उत्सुकता जाग गई है। बाबा के कैंची धाम पर हर साल लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं। विराट कोहली और स्टीव जॉब्स जैसे बड़े नाम भी बाबा के धाम शांति की तलाश में आ चुके हैं।

आमतौर पर नीम करौली बाबा का नाम सुनकर लोगों के दिमाग में Kainchi Dhaam ही आता है, लेकिन और भी कई जगहे हैं, जिनसे बाबा का गहरा नाता है और उनके दिव्य धाम मौजूद हैं। आइए जानें नीम करौली बाबा से जुड़ी इन जगहों के बारे में।

नीब करौरी गांव और साधना गुफा, फर्रुखाबाद

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का नीब करौरी गांवमहाराज जी की शुरुआती तपोभूमि है। इस गांव में बाबा ने कई सालों तक साधना की और इसी गांव से उन्हें नीम करौली या नीब करौरी बाबा का नाम मिला। इस गांव में बाबा ने एक गुफा में साधाना की थी, वो आज भी वहां मौजूद है। इस गांव में बाबा ने एक हनुमान मंदिर भी बनाया था, जिसकी मूर्ति बाबा ने खुद अपने हाथों से बनाई थी।

वृंदावन आश्रम, उत्तर प्रदेश

श्रीधाम वृंदावन नीम करौली बाबा के सबसे प्रमुख धामों में से एक है। समाधि लेने से पहले के साल बाबा ने कैंची और वृंदावन धाम में ही बिताए हैं। वृंदावन धाम में ही बाबा ने 11 सितंबर 1973 को अपना देह त्याग कर महासमाधि ली थी। इस आश्रम में बाबा की समाधि मौजूद है और साल भर माहौल भक्तिमय रहता है।

बबनिया हनुमान मंदिर, गुजरात

गुजरात के मोरबी जिले के पास बसा बबनिया गांव बाबा की शुरुआती लीलाओं का साक्षी रहा है। अपनी साधना के शुरुआती दिनों में महाराज ने यहां निवास किया और एक हनुमान मंदिर का निर्माण कराया था। इस मंदिर को स्थानीय लोग बेहद चमत्कारी मानते हैं।

हनुमानगढ़, उत्तराखंड

नैनीताल के पास मनोरा हिल्स पर स्थित हनुमानगढ़ मंदिर की स्थापना बाबा ने 1952 में की थी। पहाड़ी की चोटी पर स्थित ये मंदिर अपने शांत और खूबसूरत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां हनुमान जी की 7 फीट ऊंची मूर्ति है।

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