इजरायल से सुरक्षा में कैसे हुई चूक ,बैन के बावजूद कैसे प्रवेश किया फ्लाइट में धार दार हथियार
फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी सह-पायलट द्वारा विमान दुर्घटनाग्रस्त करने के प्रयास के बाद इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठे हैं।

India Desk; फ्लाईदुबई फ्लाइट में हुई घटना ने इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों से कड़े सवाल पूछे जा रहे हैं कि ओमानी पायलट तेल अवीव कैसे आ पाए।
इजरायल आए 12 से ज्यादा ओमानी पायलट
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर थे और को-पायलट के तौर पर ओमान का हमम अल-हम्मामी था। ओमान के पायलट ने प्लेन को क्रैश कराने की कोशिश की, लेकिन भारतीय पायलट ने को-पायलट के मंसूबों को विफल कर दिया और 174 यात्रियों की जान बचा ली।
इस घटना के बाद से ही यह मामला सामने आया कि ओमान के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, तो फिर ओमान का पायलट, इजरायल जा रही फ्लाइट में क्या कर रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 के अब्राहम समझौते के बाद बने नियमों के तहत, उन देशों के पायलटों पर इजरायल में उड़ान भरने की रोक है जिनके इजरायल के साथ संबंध नहीं हैं।
हालांकि, चैनल 12 ने बताया कि हाल के वर्षों में दर्जनों ओमानी पायलट विदेशी एयरलाइंस के लिए काम करते हुए इजरायल आए हैं।
इजरायल की ओमान के पायलटों पर रोक
रिपोर्ट के मुताबिक, शिन बेट सुरक्षा सेवा ने फ्लाईदुबई के पायलटों की राष्ट्रीयता या बैकग्राउंड की अलग से जांच नहीं की। इसके बजाय, उसने एयरलाइन से कहा था कि वे उन देशों के पायलटों का इस्तेमाल न करें जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।
नेटवर्क ने एयरलाइन इंडस्ट्री के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से कहा, ‘शिन बेट के पास यह जानने के सभी साधन हैं कि दुबई एयरलाइन के सभी पायलट कौन हैं और उन्होंने बस आंखें मूंद लेना ही ठीक समझा। इजरायल में, उन्हें उम्मीद थी कि एयरलाइन काफी भरोसेमंद होगी, इसलिए उन्होंने हाल के वर्षों में कोई समीक्षा नहीं की।’
इस घटना के बाद अधिकारियों ने यह जांचना शुरू कर दिया है कि विदेशी एयरलाइंस के फ्लाइट क्रू को इजरायल में प्रवेश की मंजूरी कैसे दी जाती है।




